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पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में वंकà¥à¤·à¤£ हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ अधिक आम हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अंडकोष जनà¥à¤® के तà¥à¤°à¤‚त बाद वंकà¥à¤·à¤£ नलिका के माधà¥à¤¯à¤® से उतरते हैं। माना जाता है कि नलिका उनके पीछे लगà¤à¤— पूरी तरह से बंद हो जाती है, लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ कमजोर कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° छोड़कर नलिका ठीक से बंद नहीं होती है।
हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है ?
जब पेट का कोई अंदरूनी अंग छेद के माधà¥à¤¯à¤® से बाहर आने लगता है तो उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है। इन अंगों में मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से पेट की मांसपेशी या ऊतक और बहà¥à¤¤ बार आंत पेट की कमजोर दीवार में छेद करके बाहर आ जाती हैं। पेट में हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ होना सबसे आम हैं, लेकिन यह जाà¤à¤˜ के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡, बीच पेट में और गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¨ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ (पेट और जाà¤à¤˜ के बीच का à¤à¤¾à¤—) में à¤à¥€ हो सकता है।
हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ आपातकालीन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ नहीं है, इसकी वजह से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सामानà¥à¤¯ दरà¥à¤¦ से लेकर गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦ तक महसूस हो सकता है। लेकिन अगर ठीक समय पर उचित उपचार न किया जाठतो इसकी वजह से गंà¤à¥€à¤° जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। इसका उपचार सरà¥à¤œà¤°à¥€ से बड़ी आसानी से किया जा सकता है। हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤²à¥‡ ही à¤à¤• सामानà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ मानी जाती है, लेकिन इसके कई पà¥à¤°à¤•ार इसकी गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
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